विस्तृत उत्तर
भगवान के प्रमुख अवतारों का क्रम से वर्णन आता है। पहले पुरुष रूप बताया गया, जिससे लोकों की रचना की भूमिका बनती है। फिर कौमार रूप में सनकादि, वराह, देवर्षि नारद, नर-नारायण, कपिल, दत्तात्रेय, यज्ञ, ऋषभदेव, राजा पृथु, मत्स्य, कच्छप या कूर्म, धन्वंतरि, मोहिनी, नरसिंह, वामन, परशुराम, व्यास, राम, बलराम और कृष्ण, बुद्ध और कल्कि का उल्लेख है। पाठ आगे यह भी कहता है कि भगवान हरि के अवतार असंख्य हैं, जैसे विशाल सरोवर से हजारों धाराएँ निकलती हैं। इसलिए यह सूची प्रमुख अवतारों का वर्णन है, लेकिन भगवान के अवतारों की संख्या सीमित नहीं बताई गई।
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक





