विस्तृत उत्तर
एकादशी' शब्द की उत्पत्ति 'एकादश' यानी 'ग्यारह' संख्या से हुई है। आध्यात्मिक विज्ञान में मानव शरीर की ग्यारह इंद्रियों (पाँच ज्ञानेन्द्रियाँ, पाँच कर्मेन्द्रियाँ और एक मन) को अनुशासित करने की प्रक्रिया ही एकादशी व्रत का मूल उद्देश्य है। जब साधक अपनी समस्त बाहरी वृत्तियों (इच्छाओं) को समेटकर अपना ध्यान परमात्मा में एकाग्र करता है, तब वह वास्तविक 'एकादशी' का अनुभव करता है।





