विस्तृत उत्तर
सर्प सूक्त में निम्नलिखित स्थानों में रहने वाले समस्त सर्पों को नमस्कार किया गया है:
- ▸पृथ्वी पर (बिल आदि में) रहने वाले सर्प
- ▸अंतरिक्ष में (वायुमंडल में) रहने वाले सर्प
- ▸दिवि (स्वर्गलोक में) देवता रूप में स्थित सर्प
- ▸आकाश के प्रकाशमान लोकों में वास करने वाले सर्प
- ▸सूर्य की किरणों में वास करने वाले सर्प
- ▸जलों में निवास करने वाले सर्प
- ▸वृक्षों पर या वनस्पतियों में लिपटे सर्प
- ▸वटों (बिल या गहरे गड्ढों) में शयन करने वाले सर्प





