विस्तृत उत्तर
वायु पुराण में सात अधोलोकों के नाम रसातल, सुतल, वितल, गभस्तल, महातल, श्रीतल और पाताल बताए गए हैं। वायु पुराण इन लोकों में स्थित प्रमुख नगरों और उनके दैत्य अधिपतियों का भी अत्यंत विस्तृत वर्णन करता है। वायु पुराण के अनुसार पाताल के प्रथम स्तर पर दैत्य नमुचि और नाग कालिय का नगर है; द्वितीय स्तर पर हयग्रीव और महान नाग तक्षक का नगर है; तृतीय स्तर पर भक्त प्रह्लाद और हेमक के नगर हैं; चतुर्थ स्तर पर कालनेमि और वैनतेय का निवास है; पंचम स्तर पर हिरण्याक्ष और किर्मीर का अधिकार है; षष्ठम स्तर पर पुलोमन और नागराज वासुकि रहते हैं, और अंतिम सातवें स्तर पर राजा बलि का सार्वभौम शासन है। यह वर्णन दर्शाता है कि पाताल का प्रशासन विभिन्न दैत्यों और नागों के बीच व्यवस्थित रूप से विभाजित है।
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