विस्तृत उत्तर
अश्वसेन एक जीवित नाग था जो महाभारत के युद्ध में कर्ण द्वारा अर्जुन पर चलाए गए बाण के रूप में प्रसिद्ध हुआ। उसे अक्सर नागास्त्र समझ लिया जाता है, लेकिन वह कोई दिव्यास्त्र नहीं था। खांडव वन के दहन के समय अर्जुन के बाणों से अश्वसेन का पूरा परिवार जलकर मर गया था, लेकिन वह किसी तरह बच निकला। तभी से उसके मन में अर्जुन के प्रति प्रतिशोध की ज्वाला धधक रही थी। अवसर पाकर वह बाण का रूप लेकर कर्ण के तरकश में छिप गया ताकि वह कर्ण के धनुष से निकलकर अर्जुन के प्राण ले सके।
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