विस्तृत उत्तर
नहीं, नल योग के निर्माण में छाया ग्रहों— राहु और केतु— की स्थिति पर बिल्कुल विचार नहीं किया जाता है। चूँकि नाभस योग आकाशमंडल में दिखाई देने वाली आकृतियों और दृश्यमान ग्रहों (भौतिक पिंडों) पर आधारित होते हैं, इसलिए राहु और केतु (जिनका कोई भौतिक शरीर नहीं है) को इस गिनती से बाहर रखा गया है।





