विस्तृत उत्तर
इस योग के निर्माण के लिए नवमेश और दशमेश के बीच 4 मुख्य शास्त्रीय संबंधों में से कोई एक होना चाहिए: 1. स्थान परिवर्तन (नवमेश दशम में और दशमेश नवम में), 2. युति (दोनों एक ही भाव/राशि में हों), 3. परस्पर पूर्ण दृष्टि (एक-दूसरे को देखें), या 4. नक्षत्र परिवर्तन (एक-दूसरे के नक्षत्र में हों)।





