विस्तृत उत्तर
नल योग का निर्माण तब होता है जब आसमान के सातों नैसर्गिक और दृश्यमान ग्रह— सूर्य, चन्द्रमा, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि— केवल 3, 6, 9 और 12 नंबर की राशियों (यानी मिथुन, कन्या, धनु और मीन) के भीतर ही बैठे हों। इस योग में यह जरूरी नहीं कि ग्रह चारों राशियों में हों, वे किन्हीं दो या तीन द्विस्वभाव राशियों में भी हो सकते हैं।





