विस्तृत उत्तर
आयुर्वेद=अथर्ववेद उपवेद; चिकित्सा+अध्यात्म=एक ही मूल।
संबंध: त्रिदोष (वात/पित्त/कफ)=त्रिगुण (सत्व/रज/तम) से जुड़े। सात्विक आहार=शारीरिक+आध्यात्मिक दोनों स्वास्थ्य। दिनचर्या (ब्रह्म मुहूर्त/योग/ध्यान)=आयुर्वेद+अध्यात्म एक। औषधि+मंत्र=दोनों चिकित्सा (चरक संहिता)। शरीर=आत्मा का वाहन; स्वस्थ शरीर=आध्यात्मिक प्रगति।
व्यावहारिक: योग+प्राणायाम=शारीरिक+आत्मिक। सात्विक भोजन=मन शुद्ध=ध्यान गहरा। ऋतुचर्या (ऋतु अनुसार जीवन)=प्रकृति+धर्म=एक। 'शरीरमाद्यं खलु धर्मसाधनम्'=स्वस्थ शरीर=धर्म साधन (कालिदास)।

