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विस्तृत उत्तर
हाँ — कोई प्रतिबंध नहीं। ऋग्वेद 1.164.46: 'एकं सद्विप्रा बहुधा वदन्ति'=सत्य एक। गीता 9.29: 'मैं सब प्राणियों में समान।' ISKCON=विश्वभर अनेक धर्म। विवेकानंद: 'सभी धर्म सत्य।' योग/ध्यान=विश्व सभी धर्म। सम्मान+श्रद्धा=आवश्यक; मजाक/अपमान=अनुचित।
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