मत भिन्नता है — पर सुनना भी लाभकारी।
पक्ष (हाँ - लाभ मिलता है)
- ▸श्रवण = भक्ति का एक मार्ग — नवधा भक्ति में 'श्रवण' (सुनना) सबसे पहला मार्ग है (भागवत)। मंत्र सुनना = श्रवण भक्ति।
- ▸कंपन (Vibration): मंत्र ध्वनि की शक्ति = कंपन। मोबाइल से भी ध्वनि तरंगें शरीर-मन को प्रभावित करती हैं।
- ▸वातावरण शुद्धि: मंत्र ध्वनि से घर/कार्यस्थल का वातावरण शुद्ध।
- ▸Amar Ujala verified: मंत्र उच्चारण से शरीर में कंपन = ऊर्जा प्रवाह (वैज्ञानिक मत भी)।
विपक्ष (पूर्ण जप फल नहीं)
- ▸स्वयं जप > सुनना — शास्त्रों में जप = स्वयं उच्चारण। सुनना = अंश फल।
- ▸ध्यान/एकाग्रता: स्वयं जप में एकाग्रता अधिक, मोबाइल = विकर्षण (notifications)।
- ▸प्राण शक्ति: स्वयं बोलने से प्राण वायु + ध्वनि = पूर्ण प्रभाव।
संतुलित मत: मोबाइल पर सुनना = ज्ञान+शांति+श्रवण भक्ति = लाभकारी। पर स्वयं जप का विकल्प नहीं। सुनना + स्वयं जप = सर्वश्रेष्ठ। कुछ न करने से सुनना बेहतर।