की चेकलिस्ट
सुनना=श्रवण भक्ति(लाभकारी), पर स्वयं जप का विकल्प नहीं। स्वयं जप > सुनना। कंपन/वातावरण शुद्धि का लाभ। कुछ न करने से सुनना बेहतर। सुनना+जप=सर्वश्रेष्ठ।
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