विस्तृत उत्तर
संस्कृत = मंत्र के लिए सर्वोत्तम। हिंदी = स्तोत्र/चालीसा/भजन उत्तम।
अंतर: मंत्र (ॐ नमः शिवाय, गायत्री, बीज मंत्र) = ध्वनि विज्ञान; विशिष्ट कंपन = संस्कृत में ही। ऋषियों ने संस्कृत में 'सुने'; अनुवाद = ध्वनि बदलती। स्तोत्र/चालीसा (हनुमान चालीसा, शिव चालीसा) = अवधी/हिंदी; तुलसीदास/अन्य = हिंदी में रचे; हिंदी में ही पढ़ें।
क्या कब: वैदिक मंत्र (गायत्री/महामृत्युंजय/रुद्र) = संस्कृत। चालीसा/आरती/भजन = हिंदी। श्लोक (गीता) = संस्कृत + हिंदी अर्थ।
सार: संस्कृत = मंत्र; हिंदी = भक्ति/भजन/चालीसा। दोनों = अपनी जगह श्रेष्ठ। अर्थ समझकर पढ़ें = सबसे प्रभावी (किसी भी भाषा)। बिना समझे = तोते जैसा।





