विस्तृत उत्तर
स्तर अनुसार: शुरुआत=गीता प्रेस गोरखपुर (₹20-50; सरलतम; श्लोक+हिंदी+व्याख्या)। गहन=स्वामी रामसुखदास 'साधक संजीवनी'; स्वामी चिन्मयानंद 'Holy Geeta'। ISKCON=श्रील प्रभुपाद 'As It Is' हिंदी। आधुनिक=देवदत्त पट्टनायक (कथात्मक)। सुझाव: गीता प्रेस → रामसुखदास → शंकराचार्य भाष्य। Daily 1 श्लोक=जीवनभर।
