विस्तृत उत्तर
शास्त्रीय सिद्धांत अनुसार = मान्य हो सकती (शर्तों सहित):
मान्य क्यों: संकल्प प्रधान — वैदिक सिद्धांत: पूजा = संकल्प (intention); संकल्प लेकर ऑनलाइन = फलदायी। प्रतिनिधि पूजा — राजा पुरोहित से कराते = प्राचीन; ऑनलाइन = आधुनिक प्रतिनिधि। गीता 9.26 — भाव सर्वोपरि।
सीमाएं: भौतिक उपस्थिति = अधिक प्रभावी (ऊर्जा, वातावरण, प्राण प्रतिष्ठा)। विश्वसनीयता = पूजा वास्तव में हो रही? व्यावसायीकरण।
सार: दूर हो/जा न सकें → ऑनलाइन = विकल्प (प्रतिस्थापन नहीं)। संभव हो → स्वयं/भौतिक = सर्वोत्तम। विश्वसनीय संस्था से ही कराएं।





