विस्तृत उत्तर
यदि कोई शत्रु पीड़ा या भूत-प्रेत बाधा से ग्रसित है, तो भैरव के समक्ष निम्न मंत्र का जाप शत्रु से मुक्ति और बाधाओं का नाश करता है:
ॐ तीखदन्त महाकाय कल्पान्तदोहनम्। भैरवाय नमस्तुभ्यं अनुज्ञां दातुर्माहिसि।
शत्रु और भूत-प्रेत बाधा के लिए मंत्र: 'ॐ तीखदन्त महाकाय कल्पान्तदोहनम्। भैरवाय नमस्तुभ्यं अनुज्ञां दातुर्माहिसि।'
यदि कोई शत्रु पीड़ा या भूत-प्रेत बाधा से ग्रसित है, तो भैरव के समक्ष निम्न मंत्र का जाप शत्रु से मुक्ति और बाधाओं का नाश करता है:
ॐ तीखदन्त महाकाय कल्पान्तदोहनम्। भैरवाय नमस्तुभ्यं अनुज्ञां दातुर्माहिसि।
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