प्रमुख बीज मंत्रों का अर्थ'गं' (गणपति बीज) का क्या अर्थ है?'गं' = भगवान श्री गणेश का गणपति बीज। 'ग' = गणेश, बिंदु = विघ्नहर्ता/दुःखहर्ता। अर्थ: 'भगवान गणेश मेरे समस्त विघ्नों और दुःखों को दूर करें।' यह साधना मार्ग की सभी बाधाओं का नाश करता है।#गं गणपति बीज#गणेश#विघ्नहर्ता
गुरु कृपा और साधना मर्मत्रिपुर भैरवी किसका संहार करती हैं?त्रिपुर भैरवी उसी का संहार करती हैं जो साधक की उन्नति में बाधक है — चाहे बाहरी शत्रु हो या भीतरी विकार (काम, क्रोध आदि)।#संहार
त्रिपुर भैरवी परिचय और स्वरूपत्रिपुर भैरवी को 'नित्य प्रलय' की अधिष्ठात्री क्यों कहते हैं?माँ भैरवी 'नित्य प्रलय' (प्रतिक्षण होने वाला परिवर्तन) की शक्ति हैं — वे साधक की बाधाओं, रोगों, शत्रुओं और नकारात्मक कर्मों का प्रतिक्षण क्षय करके उसके नवीन स्वरूप का निर्माण करती हैं।#नित्य प्रलय#परिवर्तन शक्ति#बाधा नाश
ग्रह दोष निवारणशत्रु और भूत-प्रेत बाधा के लिए बटुक भैरव का कौन सा मंत्र जपें?शत्रु और भूत-प्रेत बाधा के लिए मंत्र: 'ॐ तीखदन्त महाकाय कल्पान्तदोहनम्। भैरवाय नमस्तुभ्यं अनुज्ञां दातुर्माहिसि।'#शत्रु बाधा मंत्र#भूत प्रेत#भैरव मंत्र