विस्तृत उत्तर
महामृत्युंजय मंत्र के जप के लिए केवल रुद्राक्ष की माला (सामान्यतः १०८ दानों की) का उपयोग किया जाता है।
रुद्राक्ष को साक्षात् भगवान शिव का अश्रु माना जाता है। वनस्पति विज्ञान और आयुर्वेद के अनुसार, रुद्राक्ष में अद्वितीय विद्युत-चुंबकीय (Electromagnetic) और औषधीय गुण होते हैं। जब उंगलियों के पोरों से रुद्राक्ष का घर्षण होता है, तो यह हृदय गति को नियंत्रित करता है और तंत्रिका तंत्र (Nervous System) को शांत करता है।





