विस्तृत उत्तर
संदर्भ: शिव पुराण में भगवान शिव स्वयं देवी पार्वती से कहते हैं कि रुद्राक्ष उनके नेत्रों से गिरे अश्रुओं से उत्पन्न हुआ है और उन्हें अत्यंत प्रिय है।
देवता: यह माला प्रमुख रूप से भगवान शिव और उनके सभी स्वरूपों की आराधना के लिए है। इसके अतिरिक्त माँ दुर्गा, भगवान गणेश, कार्तिकेय और हनुमान जी के मंत्र जप के लिए भी रुद्राक्ष की माला को सर्वश्रेष्ठ माना गया है।





