विस्तृत उत्तर
वितल लोक के सर्वोच्च अधिष्ठाता देव भगवान शिव हैं, जो यहाँ हाटकेश्वर अथवा हर-भव स्वरूप में विराजमान हैं। श्रीमद्भागवत महापुराण के अनुसार अतल लोक के ठीक नीचे वितल लोक में भगवान शिव अपने हाटकेश्वर स्वरूप में निवास करते हैं। वे अपने भूत, प्रेत और गणों से घिरे हुए हैं और माता भवानी के साथ निरंतर स्थित हैं। प्रजापति ब्रह्मा की सृष्टि की वृद्धि करने के उद्देश्य से भगवान भव और भवानी यहाँ दिव्य क्रीड़ा में मग्न रहते हैं। इसलिए वितल लोक का सबसे महत्वपूर्ण आध्यात्मिक पक्ष हाटकेश्वर शिव और माता भवानी से जुड़ा है।
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक





