दुर्गा शब्द की व्युत्पत्तिमाँ दुर्गा कौन हैं?माँ दुर्गा परब्रह्म स्वरूपिणी, आद्याशक्ति और अखिल ब्रह्मांड की उत्पत्तिकर्ता हैं। देवी भागवत पुराण उन्हें जगज्जननी, मार्कण्डेय पुराण उन्हें महिषासुरमर्दिनी और देवी उपनिषद उन्हें एकमात्र परमसत्य (ब्रह्म) मानता है।#माँ दुर्गा#आद्याशक्ति#परब्रह्म
प्रमुख बीज मंत्रों का अर्थ'दुं' (दुर्गाबीज) का क्या अर्थ है?'दुं' = माँ दुर्गा का दुर्गाबीज। 'द' = दुर्गा, 'उ' = रक्षा, बिंदु = दुःखहर्ता। अर्थ: 'दुर्गति नाशिनी माँ दुर्गा मेरी रक्षा करें और दुःख दूर करें।' यह अभय और सुरक्षा देने वाला अमोघ बीज है।
माला के प्रकार और देवतारुद्राक्ष माला का प्रयोग किसके लिए करते हैं?रुद्राक्ष माला भगवान शिव और उनके सभी स्वरूपों की आराधना के लिए है — साथ ही माँ दुर्गा, भगवान गणेश, कार्तिकेय और हनुमान जी के मंत्र जप के लिए भी सर्वश्रेष्ठ मानी गई है।#रुद्राक्ष माला#भगवान शिव#माँ दुर्गा
रत्न, ग्रह और अधिष्ठात्री देवीगोमेद की अधिष्ठात्री देवी कौन हैं?गोमेद (राहु ग्रह) की अधिष्ठात्री देवी माँ दुर्गा हैं — राहु की उग्र ऊर्जा को केवल आदिशक्ति (माँ दुर्गा) ही नियंत्रित कर सकती हैं।#गोमेद अधिष्ठात्री#माँ दुर्गा#राहु ग्रह