विस्तृत उत्तर
इन मंत्रों के जप के लिए केवल 'रुद्राक्ष की माला' का ही प्रयोग करना चाहिए।
इसका कारण यह है कि रुद्राक्ष भगवान शिव के नेत्रों से और नाग उनके आभूषणों से संबंधित हैं।
नवनाग स्तोत्र के लिए माला आवश्यक नहीं है क्योंकि यह 'जप' नहीं बल्कि 'पाठ' है।





