विस्तृत उत्तर
जप माला का महत्व शिव पुराण और मंत्र महोदधि में वर्णित है:
1गिनती का साधन
जप माला से मंत्र जप की सही संख्या बनी रहती है। 108 मनके — 108 जप की गिनती।
2मन को एकाग्र रखना
माला का प्रत्येक मनका घुमाना — एक क्रिया। इस क्रिया से मन भटकता नहीं — जप में बना रहता है।
3108 का महत्व
- ▸108 = 1 (ब्रह्म) × 0 (शून्य/माया) × 8 (अनंत)
- ▸सूर्य और पृथ्वी की दूरी = सूर्य के व्यास का 108 गुणा
- ▸108 उपनिषद; 108 शक्तिपीठ
4ऊर्जा का संचय
शिव पुराण: रुद्राक्ष माला — शिव की ऊर्जा से युक्त। जप में माला की ऊर्जा साधक को मिलती है।
माला के नियम
- ▸सुमेरु (मुख्य मनका) न लांघें — पलटें
- ▸माला को भूमि पर न रखें
- ▸जप के बाद माथे से लगाएं
- ▸गोमुखी में रखकर जप — शक्ति बचाव
माला के प्रकार
रुद्राक्ष (शिव), तुलसी (विष्णु), स्फटिक (सर्वदेव), रक्तचंदन (दुर्गा)।





