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पूजा साधन📜 शिव पुराण — रुद्राक्ष महात्म्य, मंत्र महोदधि, योग शास्त्र2 मिनट पठन

पूजा के दौरान जप माला क्यों उपयोग करते हैं?

संक्षिप्त उत्तर

जप माला क्यों: 108 जप की गिनती। मन को जप में बनाए रखती है। 108 = ब्रह्मांडीय संख्या (108 उपनिषद, 108 शक्तिपीठ)। रुद्राक्ष में शिव ऊर्जा। नियम: सुमेरु न लांघें, माला भूमि पर न रखें, जप बाद माथे से लगाएं।

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विस्तृत उत्तर

जप माला का महत्व शिव पुराण और मंत्र महोदधि में वर्णित है:

1गिनती का साधन

जप माला से मंत्र जप की सही संख्या बनी रहती है। 108 मनके — 108 जप की गिनती।

2मन को एकाग्र रखना

माला का प्रत्येक मनका घुमाना — एक क्रिया। इस क्रिया से मन भटकता नहीं — जप में बना रहता है।

3108 का महत्व

  • 108 = 1 (ब्रह्म) × 0 (शून्य/माया) × 8 (अनंत)
  • सूर्य और पृथ्वी की दूरी = सूर्य के व्यास का 108 गुणा
  • 108 उपनिषद; 108 शक्तिपीठ

4ऊर्जा का संचय

शिव पुराण: रुद्राक्ष माला — शिव की ऊर्जा से युक्त। जप में माला की ऊर्जा साधक को मिलती है।

माला के नियम

  • सुमेरु (मुख्य मनका) न लांघें — पलटें
  • माला को भूमि पर न रखें
  • जप के बाद माथे से लगाएं
  • गोमुखी में रखकर जप — शक्ति बचाव

माला के प्रकार

रुद्राक्ष (शिव), तुलसी (विष्णु), स्फटिक (सर्वदेव), रक्तचंदन (दुर्गा)।

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शास्त्रीय स्रोत
शिव पुराण — रुद्राक्ष महात्म्य, मंत्र महोदधि, योग शास्त्र
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