विस्तृत उत्तर
नवनाग स्तोत्र का पाठ 9, 11, या 21 बार करना चाहिए।
यह 'पाठ' है, 'जप' नहीं — इसलिए माला आवश्यक नहीं है।
दिशा: पूर्व
श्रेष्ठ समय: प्रातः एवं सायं
ध्यान-विधि: नवनागों का स्मरण
नवनाग स्तोत्र 9, 11 या 21 बार पढ़ना चाहिए — यह 'पाठ' है इसलिए माला की आवश्यकता नहीं। प्रातः और सायं दोनों समय पढ़ें।
नवनाग स्तोत्र का पाठ 9, 11, या 21 बार करना चाहिए।
यह 'पाठ' है, 'जप' नहीं — इसलिए माला आवश्यक नहीं है।
दिशा: पूर्व
श्रेष्ठ समय: प्रातः एवं सायं
ध्यान-विधि: नवनागों का स्मरण
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