पाठ के भेदलघु रुद्र, महारुद्र और अति रुद्र में क्या फर्क है?एकादशिनी = शतरुद्रिय 11 बार। लघु रुद्र = 121 पाठ (11×11)। महारुद्र = 1,331 पाठ (11 ब्राह्मण, 11 दिन)। अति रुद्र = 14,641 पाठ (राष्ट्र-कल्याण और महाविपत्ति नाश के लिए)।#लघु रुद्र महारुद्र#अति रुद्र#पाठ संख्या
पाठ विधि और नियमचन्द्रशेखराष्टकम् का पाठ कितनी बार करना चाहिए?चन्द्रशेखराष्टकम् नित्य 1 बार पढ़ें। विशेष फल के लिए 11 बार या 108 बार पढ़ें — पाठ के दौरान आह्वान मंत्र बार-बार दोहराएं।#पाठ संख्या
मंत्र जप विधि और नियमनवनाग स्तोत्र कितनी बार पढ़ना चाहिए?नवनाग स्तोत्र 9, 11 या 21 बार पढ़ना चाहिए — यह 'पाठ' है इसलिए माला की आवश्यकता नहीं। प्रातः और सायं दोनों समय पढ़ें।#नवनाग स्तोत्र#9 11 21 बार#पाठ संख्या
स्तोत्र पाठ विधि और नियमनीलकंठ स्तोत्र एक बार में कितनी बार पढ़ना चाहिए?फलश्रुति के अनुसार नीलकंठ स्तोत्र एक बार में सात बार (सप्तवारं पठेत्) पढ़ना चाहिए।#सात बार#पाठ संख्या#सप्तवारं