विस्तृत उत्तर
नवनाग स्तोत्र उन प्रमुख नौ नाग-अधिपतियों को सीधे संबोधित करता है, जो ज्योतिष शास्त्र में प्रकार के कालसर्प योगों के मूल कारक माने जाते हैं (जैसे अनंत, वासुकि, तक्षक आदि)।
यह स्तोत्र आवाहन, पूजा और नित्य पाठ द्वारा भय-निवारण तथा सर्वत्र विजय के लिए अनिवार्य माना गया है।
यह स्तोत्र पौराणिक परंपरा (भविष्य पुराण आदि में संदर्भित) से है।
