विस्तृत उत्तर
भगवान शिव और अधिकांश शक्ति साधनाओं के लिए रुद्राक्ष की माला को सर्वोत्तम और अमोघ फलदायी माना गया है। जप के लिए सामान्यतः पंचमुखी रुद्राक्ष का उपयोग होता है।
दानों का आकार — जप के लिए छोटे दानों (मटर या चने के आकार) वाली 108 दानों की माला सबसे शुभ मानी जाती है। बड़े दाने मुख्य रूप से पहनने के लिए उपयोग किए जाते हैं।
असली की पहचान — असली रुद्राक्ष की सतह पर गहरी और प्राकृतिक दरारें (मुख) होती हैं जो एक सिरे से दूसरे सिरे तक जाती हैं। कृत्रिम रुद्राक्ष में ये रेखाएं चिपकाई गई या उथली होती हैं।
प्राकृतिक विषमता — सबसे विश्वसनीय पहचान यह है कि असली रुद्राक्ष के दाने कभी भी एकदम गोल या मशीन की तरह एक समान आकार के नहीं होते, उनमें प्राकृतिक विषमता होती है। इसे हमेशा प्रामाणिक स्थान से ही प्राप्त करना चाहिए।





