विस्तृत उत्तर
माता लक्ष्मी का एक नाम 'कमलवासिनी' है, क्योंकि वे कमल के पुष्प पर विराजमान होती हैं और कमल उन्हें अत्यंत प्रिय है। कमल के फूल के बीजों से बनी माला को 'कमल गट्टे की माला' कहा जाता है।
धन और समृद्धि — स्थिर लक्ष्मी, भौतिक वैभव और दरिद्रता के नाश के लिए महालक्ष्मी के मंत्रों का जप विशेष रूप से कमल गट्टे की माला पर ही करने का विधान है।
जप विधि — शुक्रवार के दिन माता लक्ष्मी के श्रीयंत्र या स्वरूप के सम्मुख बैठकर 'ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्म्यै नमः' या सरल बीज मंत्र 'ॐ श्रीं नमः' का जप करना चाहिए।
विशेष अवसर — इस माला से दीपावली, धनतेरस या अक्षय तृतीया की रात को किया गया अनुष्ठान तीव्र गति से ब्रह्मांड की धन ऊर्जा को आकर्षित करता है।





