विस्तृत उत्तर
तुलसी की माला वैष्णव संप्रदाय की सबसे पवित्र माला है। तुलसी को भगवान विष्णु की अत्यंत प्रिय और सात्विकता का प्रतीक माना गया है।
उचित मंत्र — इस माला पर केवल सात्विक और वैष्णव मंत्रों का ही जप किया जाना चाहिए। भगवान राम, श्रीकृष्ण, श्री हरि विष्णु, और भगवान नरसिंह के मंत्र (जैसे 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' या 'हरे कृष्ण महामंत्र') तुलसी की माला पर जपना सर्वश्रेष्ठ है।
वर्जित देवता — यह ध्यान रखना अत्यंत आवश्यक है कि तुलसी की माला पर भगवान शिव, माता दुर्गा, काली, भैरव या किसी भी तामसिक देवता के मंत्र का जप नहीं करना चाहिए।
कारण — पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान शिव ने शंखचूड़ (तुलसी के पति) का वध किया था, इसलिए शिव पूजा और उनके मंत्रों में तुलसी का प्रयोग सर्वथा वर्जित माना गया है। गणेश पूजा में भी इसका निषेध है।





