विस्तृत उत्तर
श्री विष्णु सहस्रनाम एक पूर्ण स्तोत्र है जिसमें भगवान विष्णु के एक हजार नामों का वर्णन है। समय के अभाव में संपूर्ण पाठ न कर पाने की स्थिति के लिए एक सिद्ध मंत्र का विधान बताया गया है।
सिद्ध श्लोक — 'श्री राम राम रामेति रमे रामे मनोरमे। सहस्रनाम तत्तुल्यं रामनाम वरानने॥' यह श्लोक अत्यंत सिद्ध है और इसका तीन बार जप करने से पूरे विष्णु सहस्रनाम के पाठ के बराबर पुण्य प्राप्त होता है।
शिव-पार्वती संवाद — पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, यह श्लोक स्वयं भगवान शिव ने माता पार्वती को बताया था। जो साधक प्रतिदिन पूर्ण श्रद्धा के साथ इसे जपता है, वह संपूर्ण सहस्रनाम का फल प्राप्त कर लेता है।
मूल मंत्र — इसके अतिरिक्त सहस्रनाम का मूल मंत्र 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' भी अपने आप में पूर्ण और जन्म-मरण के चक्र से मुक्ति दिलाने वाला माना गया है।





