विस्तृत उत्तर
महर्षि बुध कौशिक द्वारा रचित 'श्री राम रक्षा स्तोत्र' एक अत्यंत शक्तिशाली सुरक्षा कवच है। भगवान शिव ने स्वयं महर्षि को स्वप्न में यह स्तोत्र सुनाया था। यह शरीर के प्रत्येक अंग की भगवान राम के विभिन्न स्वरूपों द्वारा रक्षा करने की प्रार्थना है।
सामान्य सुरक्षा और मानसिक शांति के लिए इसे प्रतिदिन प्रातःकाल पूजा के समय कम से कम एक (1) बार पढ़ना पर्याप्त है। लेकिन यदि कोई व्यक्ति गंभीर बीमारी, अज्ञात भय, या भारी आर्थिक संकट से घिरा है, तो उसे लगातार 41 दिनों तक प्रतिदिन 11 बार इसका पाठ करने का संकल्प लेना चाहिए। नवरात्रि के नौ दिनों में यदि कोई साधक एक आसन पर बैठकर इसके 108 पाठ पूरे कर लेता है, तो यह स्तोत्र पूर्ण रूप से सिद्ध हो जाता है और एक अभेद्य सुरक्षा कवच बन जाता है।





