विस्तृत उत्तर
रामरक्षा स्तोत्र बुधकौशिक ऋषि द्वारा रचित अत्यंत शक्तिशाली सुरक्षा स्तोत्र है। इसमें भगवान राम से शरीर के प्रत्येक अंग की रक्षा की प्रार्थना है।
सुरक्षा
- 1शारीरिक रक्षा: स्तोत्र में शरीर के प्रत्येक अंग (मस्तक, नेत्र, कान, मुख, कंठ, हृदय, उदर, चरण) की राम से रक्षा मांगी गई है — आध्यात्मिक कवच।
- 2भय निवारण: सभी प्रकार के भय — शत्रु, दुर्घटना, रोग, अदृश्य शक्तियां।
- 3यात्रा सुरक्षा: यात्रा से पूर्व पाठ — मार्ग में सुरक्षा।
- 4शत्रु नाश: 'रामो राजमणिः सदा विजयते' — राम सदा विजयी।
- 5नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा।
- 6कोर्ट/मुकदमा: विवाद में विजय हेतु।
पाठ विधि
- ▸प्रातःकाल या सायंकाल।
- ▸मंगलवार/शनिवार विशेष।
- ▸एक बैठक में पूर्ण पाठ (10-15 मिनट)।
- ▸बिना दीक्षा सभी पढ़ सकते हैं।
स्तोत्र का वचन: 'राम रक्षां पठेत् प्राज्ञः पापघ्नीं सर्वकामदाम्' — बुद्धिमान मनुष्य पापनाशक और सर्वकामदायी रामरक्षा अवश्य पढ़े।





