विस्तृत उत्तर
ब्रह्मांड पुराण में भगवान हयग्रीव और महर्षि अगस्त्य के संवाद के रूप में वर्णित 'श्री ललिता सहस्रनाम' माता त्रिपुर सुंदरी के एक हजार नामों का अत्यंत पवित्र और शक्तिशाली संग्रह है।
इसके पाठ के लाभ असीम हैं। जो व्यक्ति प्रतिदिन पूर्ण श्रद्धा से इसका पाठ करता है, उसके जीवन से अकाल मृत्यु, असाध्य रोग (विशेषकर रक्त और त्वचा संबंधी) और दरिद्रता हमेशा के लिए दूर हो जाते हैं। यह घर के वास्तु दोषों और काले जादू को नष्ट करने का सबसे सात्विक उपाय है। शुक्रवार या पूर्णिमा के दिन इसका पाठ करने से कन्याओं को सुयोग्य वर की प्राप्ति होती है और निःसंतान दंपत्तियों को गुणवान संतान प्राप्त होती है। यह साधक की कुण्डलिनी शक्ति को जाग्रत करने में भी अत्यंत सहायक है।





