विस्तृत उत्तर
नवावरण पूजा = श्री यंत्र के 9 आवरणों की क्रमिक पूजा — श्री विद्या का सबसे गोपनीय और शक्तिशाली अनुष्ठान।
सामान्य विधि (संक्षेप)
- 1गुरु दीक्षा अनिवार्य — बिना दीक्षा नवावरण पूजा = निषिद्ध।
- 2श्री यंत्र स्थापित → पंचोपचार → ध्यान।
- 3प्रत्येक आवरण की देवियों का नामोच्चारण और पुष्पांजलि — बाहर (भूपुर) से आरंभ → भीतर (बिंदु) की ओर।
- 4ललिता सहस्रनाम / ललिता त्रिशती पाठ।
- 5प्रत्येक आवरण = विशिष्ट मुद्रा + मंत्र + देवी समूह।
- 6बिंदु = ललिता महात्रिपुरसुंदरी — अंतिम पूजा।
- 7हवन + आरती।
[समीक्षा आवश्यक]: नवावरण पूजा की विस्तृत विधि = गुरुमुखी (मौखिक परंपरा)। सार्वजनिक स्रोतों में अपूर्ण विधि ही उपलब्ध। पूर्ण विधि = केवल श्री विद्या दीक्षित गुरु से प्राप्त करें।
सामान्य भक्त: ललिता सहस्रनाम पाठ + श्री यंत्र दर्शन = सुरक्षित और शुभ।





