विस्तृत उत्तर
धन प्राप्ति के लिए शास्त्रों में अनेक मंत्र वर्णित हैं — प्रत्येक का अपना विशेष उद्देश्य और शक्ति है:
1महालक्ष्मी का सर्वश्रेष्ठ मंत्र
> ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः
यह मंत्र श्री तंत्र का सर्वोच्च लक्ष्मी मंत्र है।
2श्री बीज मंत्र (एकाक्षरी)
> श्रीं (Shreem)
यह महालक्ष्मी का मूल बीज है — धन, समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक।
3लक्ष्मी षडाक्षरी मंत्र
> ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः
4श्री सूक्त का प्रथम मंत्र (ऋग्वेद)
> ॐ हिरण्यवर्णां हरिणीं सुवर्णरजतस्रजाम्।
> चंद्रां हिरण्मयीं लक्ष्मीं जातवेदो म आवह॥
5कुबेर-लक्ष्मी संयुक्त मंत्र (धन वृद्धि के लिए)
> ॐ ह्रीं श्रीं क्रीं श्रीं कुबेराय अष्टलक्ष्म्यै धनं देहि पापात् त्राहि स्वाहा
6अष्टलक्ष्मी मंत्र
> ॐ ऐं ह्रीं श्रीं अष्टलक्ष्म्यै नमः
7धनलक्ष्मी मंत्र
> ॐ धनलक्ष्म्यै नमः
8वैभवलक्ष्मी मंत्र
> ॐ श्रीं ह्रीं वैभवलक्ष्म्यै नमः
मंत्र चयन गाइड
- ▸नित्य साधना: 'ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः'
- ▸त्वरित फल: 'श्रीं' बीज मंत्र — 1008 बार
- ▸व्यापार वृद्धि: कुबेर-लक्ष्मी संयुक्त मंत्र
- ▸स्थायी समृद्धि: श्री सूक्त का पूर्ण पाठ
जप संख्या
- ▸नित्य: 108 बार
- ▸शुक्रवार विशेष: 1008 बार
- ▸अनुष्ठान: 1,25,000 बार (सवा लाख)
श्री सूक्त का महत्व
यह ऋग्वेद का परिशिष्ट है और लक्ष्मी की सर्वोच्च स्तुति मानी जाती है। श्री सूक्त के 16 मंत्रों में लक्ष्मी के सभी स्वरूपों का आह्वान है।





