का सरल उत्तर
यह व्रत न्याय के देवता 'शनि देव' को प्रसन्न करने और शनि की साढ़ेसाती या ढैया के कष्टों से बचने के लिए किया जाता है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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