का सरल उत्तर
यह व्रत जीवन की घोर विपत्तियों, कठिन आपदाओं और सभी प्रकार के संकटों से मुक्ति पाने के लिए भगवान गणेश की प्रसन्नता हेतु किया जाता है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।