विस्तृत उत्तर
कुरु कुरु' क्रियात्मक आग्रह है, जिसका अर्थ है 'त्वरित कार्य करो' या 'शीघ्रता से करो।
यह भैरव को संकटों के निवारण हेतु तुरंत क्रियाशील होने का निर्देश देता है।
'कुरु कुरु' क्रियात्मक आग्रह है जिसका अर्थ है 'शीघ्रता से करो' — यह भैरव को संकट निवारण हेतु तुरंत क्रियाशील होने का निर्देश देता है।
कुरु कुरु' क्रियात्मक आग्रह है, जिसका अर्थ है 'त्वरित कार्य करो' या 'शीघ्रता से करो।
यह भैरव को संकटों के निवारण हेतु तुरंत क्रियाशील होने का निर्देश देता है।
इस विषय पर हमारे विस्तृत लेख और मार्गदर्शिकाएँ
पौराणिक पर आपको आपदुद्धारण महामंत्र से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।