विस्तृत उत्तर
भगवान शिव के भैरव अवतार को अत्यंत उग्र माना जाता है, लेकिन 'बटुक भैरव' उनका बाल (5 से 8 वर्ष का) स्वरूप है। यह स्वरूप अत्यंत सौम्य, दयालु और अपने भक्तों की तुरंत रक्षा करने वाला है। गृहस्थों के लिए बटुक भैरव की साधना सबसे सुरक्षित और कल्याणकारी मानी गई है।
बटुक भैरव का सिद्ध मंत्र 'ॐ बं बटुक भैरवाय नमः' या 'ॐ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं ॐ स्वाहा' है। जब किसी व्यक्ति को अज्ञात भय सता रहा हो, रात में बुरे सपने आते हों, या ऊपरी बाधा (नकारात्मक शक्तियों) का डर हो, तो इस मंत्र का जप किया जाता है। इस मंत्र की ध्वनि तरंगें साधक के आभामंडल के चारों ओर एक 'अदृश्य सुरक्षा घेरा' (Energy Shield) बना देती हैं, जिसे कोई भी बुरी शक्ति पार नहीं कर सकती।





