विस्तृत उत्तर
भगवान विष्णु की गदा का नाम 'कौमोदकी' है।
यह नाम पुराणों में स्पष्ट रूप से उल्लिखित है। श्रीमद्भागवत पुराण, विष्णु पुराण और महाभारत में विष्णु और उनके कृष्णावतार की गदा को 'कौमोदकी' नाम से संबोधित किया गया है।
कृष्णावतार में यह गदा महाभारत के खांडव-दहन प्रसंग में अग्निदेव से प्राप्त हुई थी। इससे पहले यह भगवान विष्णु के साथ ही रहती है — जैसे उनका नित्य शस्त्र।
चतुर्भुज विष्णु के चार हाथों में शंख, सुदर्शन चक्र, कमल और कौमोदकी गदा होती है। मूर्ति-विज्ञान में बाएं निचले हाथ में गदा दिखाई देती है।
कुछ वैष्णव ग्रंथों में इसे 'कौमुदकी' भी कहा गया है। यह गदा न केवल विष्णु का शारीरिक शस्त्र है, बल्कि उनके पालनकर्ता स्वरूप का भी प्रतीक है — जो धर्म की रक्षा और अधर्म के दमन के लिए सदा तत्पर है।





