विस्तृत उत्तर
भगवान विष्णु के धनुष का नाम 'शार्ङ्ग' (शारंग) है।
विकिपीडिया और पुराणों के अनुसार यह धनुष देवशिल्पी विश्वकर्मा ने बनाया था। इसे भगवान शिव के धनुष 'पिनाक' के साथ बनाया गया था — दोनों एक साथ विश्वकर्मा की सर्वश्रेष्ठ रचनाएं हैं।
शार्ङ्ग धनुष की परंपरा बहुत दीर्घ है। विष्णु ने इसे ऋषि ऋचिक को दिया, ऋचिक ने परशुराम को, परशुराम ने राम को (जब राम ने परशुराम की चुनौती स्वीकार की), राम ने समुद्र देवता वरुण को दिया, और महाभारत में वरुण ने खांडव-दहन के दौरान श्रीकृष्ण को प्रदान किया।
श्रीकृष्ण के लिए इस धनुष को 'सारंग' नाम से भी जाना जाता है। भागवत पुराण और महाभारत में श्रीकृष्ण के इस धनुष को सारंग नाम से उल्लेखित किया गया है।
कुरुक्षेत्र के युद्ध में श्रीकृष्ण इसी शार्ङ्ग धनुष से सुसज्जित थे, हालांकि उन्होंने स्वयं शस्त्र उठाने का संकल्प नहीं लिया था।





