विस्तृत उत्तर
वितल लोक के नगरों और भव्य भवनों का निर्माण देवशिल्पी विश्वकर्मा और असुर शिल्पी मयासुर जैसे महान वास्तुकारों से जुड़ा बताया गया है। विष्णु पुराण के अनुसार, यद्यपि वितल लोक की भूमि कृष्ण वर्णीय है, तथापि देवशिल्पी विश्वकर्मा और असुर शिल्पी मयासुर द्वारा निर्मित अत्यंत भव्य, अलौकिक और रत्नों से जड़े हुए प्रासाद, मंदिर, भवन और क्रीड़ांगन इस लोक को अनंत शोभा से युक्त करते हैं। वायु पुराण में हयग्रीव और तक्षक के नगरों का उल्लेख आता है, जिनका निर्माण मयासुर जैसे महान दानव वास्तुकारों द्वारा किया गया है, जो मायावी शक्तियों और स्थापत्य कला के लिए जाने जाते हैं।
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