विस्तृत उत्तर
आग्नेयास्त्र का सीधा संबंध अग्नि के देवता अग्नि देव से है। पौराणिक कथाओं में अग्नि देव को इस अस्त्र का अधिपति माना गया है। अग्नि देव वैदिक काल से ही एक प्रमुख देवता रहे हैं जो यज्ञ की पवित्रता से लेकर विनाश की प्रचंडता तक विभिन्न रूपों में पूजनीय हैं। उनसे जुड़े होने के कारण ही आग्नेयास्त्र को एक विशेष दिव्यता और अमोघ शक्ति प्राप्त होती है। कुछ संदर्भों में यह भी संकेत मिलता है कि दिव्यास्त्रों की उत्पत्ति ब्रह्मा आदि महान ऋषियों के तप के तेज से भी हुई है जो आग्नेयास्त्र के एक उच्चतर दिव्य स्रोत की ओर भी इशारा करता है।
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