विस्तृत उत्तर
हाँ, पुण्यात्मा मनुष्य भी स्वर्ग में निवास कर सकते हैं परंतु यह निवास अस्थायी होता है। मृत्युलोक से वे आत्माएं जिन्होंने अपने जीवन में धर्म का पालन किया, दान दिए और यज्ञ किए, वे अपने पुण्य के अनुपात में एक निर्धारित अवधि तक स्वर्ग का सुख भोगने यहाँ आते हैं। स्वर्लोक में उन्हें उनके कर्मों के अनुरूप दिव्य शरीर प्राप्त होता है जिससे वे भूख, प्यास और बुढ़ापे से मुक्त होकर जीवन व्यतीत करते हैं। अमरावती के वर्णन में बताया गया है कि वे भाग्यशाली मनुष्य जिन्होंने पृथ्वी जीवन में महान यज्ञ किए हैं और पूर्ण धार्मिक जीवन व्यतीत किया है वे भी देवताओं के समान रूप धारण करके इस नगरी में निवास करने का सौभाग्य प्राप्त करते हैं। परंतु जब पुण्य क्षीण हो जाता है तो उन्हें पुनः पृथ्वी पर लौटना पड़ता है।
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक





