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रामायण प्रश्नोत्तर — 7 प्रश्न

रामायण से जुड़े 7 प्रामाणिक प्रश्नोत्तर पढ़ें। शास्त्रों और पुराणों पर आधारित उत्तर एक ही जगह मिलेंगे।

कुल 7 प्रश्न

अशोक वाटिका में सीता जी के पास कौन था?

अशोक वाटिका में सीता जी की सबसे प्रमुख और सच्ची साथी त्रिजटा थीं, जो विभीषण की पुत्री और रामभक्त थीं। अन्य राक्षसियाँ सीता को प्रताड़ित करती थीं, पर त्रिजटा ने उन्हें हमेशा धैर्य और रामनाम से सहारा दिया।

अशोक वाटिकासीतात्रिजटा
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लक्ष्मण रेखा का असली रहस्य क्या है?

वाल्मीकि रामायण और रामचरितमानस के अरण्यकांड में लक्ष्मण रेखा का उल्लेख नहीं मिलता। यह परवर्ती रामायणों जैसे आनंदरामायण में आई और रामानंद सागर के धारावाहिक से लोकप्रिय हुई। तुलसीदास ने लंकाकांड में मंदोदरी के मुख से इसका अप्रत्यक्ष संकेत किया है।

लक्ष्मण रेखासीता हरणवाल्मीकि रामायण
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सीता जी का जन्म कैसे हुआ?

वाल्मीकि रामायण के अनुसार राजा जनक के हल चलाते समय वैशाख शुक्ल नवमी को भूमि से एक कलश प्रकट हुआ जिसमें दिव्य कन्या थी। हल की नोक 'सीत' से स्पर्श होकर प्रकट होने से उनका नाम सीता पड़ा। वे भूमिजा, जानकी और मैथिली भी कहलाईं।

सीता जन्ममाता सीताराजा जनक
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कुंभकर्ण छह महीने क्यों सोता था?

कुंभकर्ण ने तपस्या से ब्रह्माजी को प्रसन्न किया और 'इंद्रासन' माँगना चाहा। पर देवताओं की प्रार्थना पर सरस्वती उसकी जिह्वा पर विराजी, जिससे मुख से 'निद्रासन' निकला। ब्रह्माजी ने तथास्तु कहा और वह छह-छह महीने सोने लगा।

कुंभकर्णब्रह्मा वरदानरावण भाई
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रामायण का रचना काल कब का है?

पौराणिक मान्यता के अनुसार वाल्मीकि रामायण त्रेतायुग की रचना है। आधुनिक विद्वान इसे लगभग 500 से 400 ईसा पूर्व मानते हैं, कुछ 1400 ईसापूर्व तक। वाल्मीकि आदिकवि और रामायण आदिकाव्य है जिसमें 24,000 श्लोक और 7 कांड हैं।

वाल्मीकि रामायणरचनाकालआदिकाव्य
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राम जी का वनवास 14 साल क्यों था?

कैकेयी ने देवासुर संग्राम में दशरथ की जान बचाने पर मिले दो वरदानों में 14 वर्ष का वनवास माँगा, ताकि राज्याधिकार नियम के अनुसार राम का अधिकार समाप्त हो। दूसरा कारण — उसी अवधि में रावण के जीवन के 14 वर्ष शेष थे और रावण-वध की दैवी योजना थी।

राम वनवासकैकेयी वरदान14 वर्ष
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राम जी का असली जन्मस्थान कहाँ है?

भगवान श्रीराम का जन्मस्थान अयोध्या है — सरयू नदी के तट पर स्थित यह नगरी वाल्मीकि रामायण में विश्वप्रसिद्ध बताई गई है। सर्वोच्च न्यायालय के 2019 के निर्णय के बाद 2024 में यहाँ भव्य राम मंदिर में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा हुई।

राम जन्मभूमिअयोध्यासरयू नदी
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रामायण — शास्त्रीय प्रश्नोत्तर संग्रह

पौराणिक पर रामायण श्रेणी में आपको सनातन धर्म, वेद, पुराण और शास्त्रों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर विद्वानों द्वारा शास्त्रीय प्रमाणों सहित तैयार किया गया है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत उत्तर पढ़ें। अन्य विषयों के लिए प्रश्नोत्तरी मुख्य पृष्ठ देखें।

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रामायण को गहराई से समझने का तरीका

रामायण प्रश्नोत्तर पेज छोटे उत्तरों को एक साथ रखता है, इसलिए इसे त्वरित समाधान और आगे पढ़ने के प्रवेश-द्वार दोनों की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।

7 प्रश्न वाले इस पेज पर सबसे अच्छा तरीका यह है कि पहले वही प्रविष्टियाँ पढ़ें जो आपके वर्तमान सवाल से सीधा संबंध रखती हैं, फिर उनसे जुड़े अगले लेख या प्रश्न खोलें ताकि आधी-अधूरी जानकारी के बजाय पूरा संदर्भ बने।

अगर आपको किसी उत्तर का छोटा रूप मिल रहा है, तो उसी विषय के अगले प्रश्न और संबंधित विस्तृत लेख भी देखें। इससे नियम, अपवाद, समय, विधि और शास्त्रीय आधार जैसी बातें स्पष्ट होती हैं।

शुरुआत उन प्रश्न से करें जिनका शीर्षक आपके सवाल या उद्देश्य से सबसे अधिक मेल खाता है।

पढ़ते समय विधि, महत्व, समय और सावधानियों जैसे अलग-अलग पहलुओं को नोट करें, क्योंकि ये अक्सर अलग प्रविष्टियों में बँटे होते हैं।

अगर एक पेज से पूरा उत्तर न मिले, तो उसी संग्रह के अगले लेख या प्रश्न खोलकर संदर्भ पूरा करें।