विस्तृत उत्तर
भगवान श्रीराम का जन्मस्थान अयोध्या है — यह हिंदू आस्था, शास्त्रों और न्यायालय के निर्णय तीनों से स्थापित तथ्य है।
वाल्मीकि रामायण के बालकांड में स्पष्ट उल्लेख है — 'अयोध्या नाम तत्रास्ति नगरी लोकविश्रुता' — अयोध्या नाम की एक विश्वप्रसिद्ध नगरी है। इसी नगरी में सरयू नदी के तट पर सूर्यवंशी राजाओं की प्राचीन राजधानी थी। यहीं राजा दशरथ के महल में चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी को भगवान राम ने अवतार लिया था।
वाल्मीकि रामायण में जन्मभूमि की महिमा की तुलना दूसरे इंद्रलोक से की गई है। स्कंद पुराण के अनुसार अयोध्या विष्णु के सुदर्शन चक्र पर बसी है। अथर्ववेद में भी इसे देवताओं का स्वर्ग कहा गया है।
भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने नवंबर 2019 में ऐतिहासिक निर्णय सुनाया जिसमें रामजन्मभूमि के स्वामित्व का निर्णय राम लल्ला के पक्ष में हुआ। इसके बाद 22 जनवरी 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भव्य राम मंदिर में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा संपन्न कराई।
रामायण के अनुसार अयोध्या नगरी की स्थापना सूर्यपुत्र वैवस्वत मनु ने की थी। इक्ष्वाकु वंश में श्रीराम का जन्म हुआ। सरयू नदी के किनारे बसी यह नगरी बारह योजन लंबी और तीन योजन चौड़ी थी।





