ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
टैग

अयोध्या से जुड़े सभी प्रश्न(15)

अयोध्या पर शास्त्रीय व्याख्या, विधि, नियम, मंत्र और लाभ — सब एक ही स्थान पर। कुल 15 प्रश्न उपलब्ध हैं।

रामचरितमानस — बालकाण्ड

श्रीरामजी का जन्म कहाँ हुआ?

अयोध्या (अवधपुरी) में — दशरथ के महल में, कौशल्या की कोख से। सरयू नदी तट पर, रघुवंश की राजधानी।

#बालकाण्ड#राम जन्मस्थान#अयोध्या
रामचरितमानस — बालकाण्ड

रामचरितमानस की रचना कहाँ शुरू हुई?

अयोध्या में — 'अवधपुरीं यह चरित प्रकासा।' कुछ भाग काशी में भी लिखा। अन्त में काशी में भगवान विश्वनाथ के समक्ष समर्पित।

#बालकाण्ड#रचना स्थान#अयोध्या
रामचरितमानस — बालकाण्ड

सीता-राम विवाह तय होने पर राजा जनक ने किसे दूत बनाकर भेजा?

विशिष्ट नाम मानस में नहीं — जनक ने विश्वामित्रजी की सलाह पर दूत भेजे। दूतों ने दशरथ को सब समाचार सुनाये — धनुष भंग, जयमाला, बारात का निमन्त्रण। दशरथ प्रसन्न हुए, बारात की तैयारी शुरू।

#बालकाण्ड#दूत#जनक
रामचरितमानस — बालकाण्ड

बारात अयोध्या से कब और कैसे चली?

गुरु वसिष्ठजी की आज्ञा पर शुभ मुहूर्त में — 'सजहु बारात बजाइ निसाना।' हाथी-घोड़े-रथ सजाये, ब्राह्मण-मुनि-सेना साथ लिये। भव्य बारात अयोध्या से जनकपुर चली।

#बालकाण्ड#बारात प्रस्थान#अयोध्या
रामचरितमानस — बालकाण्ड

विवाह के बाद बारात अयोध्या कब और कैसे लौटी?

विवाह-दहेज-विदाई के बाद भव्यता से अयोध्या लौटी। जनक ने अपार दहेज दिया। अयोध्या में अपार आनन्द — नगरवासी बहुओं का रूप देखकर सुखी हुए। बालकाण्ड का अन्तिम भाग — रामचरित महिमा।

#बालकाण्ड#बारात वापसी#अयोध्या
रामचरितमानस — बालकाण्ड

राजा जनक ने अयोध्या में दूत क्यों भेजे?

धनुष भंग और जयमाला के बाद विवाह की औपचारिक प्रक्रिया के लिये। दशरथ को बारात लेकर आने का निमन्त्रण। वसिष्ठजी ने कहा — 'राजन राम सरिस सुत जाकें' — राम जैसे पुत्र हैं, बारात सजाओ।

#बालकाण्ड#दूत#जनक
रामचरितमानस — बालकाण्ड

परशुरामजी के जाने के बाद क्या हुआ?

जनक ने अयोध्या में दशरथ के पास दूत भेजे — धनुष भंग, जयमाला हुई, बारात लाइये। दशरथ को अपार आनन्द। वसिष्ठजी ने कहा — बारात सजाओ। रानियाँ हर्ष से भरीं।

#बालकाण्ड#परशुराम प्रस्थान#दूत
रामचरितमानस — बालकाण्ड

श्रीरामजी के जन्म पर अयोध्या में कैसा उत्सव मना?

अपार आनन्द — रानियाँ दौड़ीं, दासियाँ हर्षित, पुरवासी मगन। दशरथ को मानो ब्रह्मानन्द मिला। नगर में बधावा, मंगलगान, ब्राह्मणों को दान।

#बालकाण्ड#राम जन्म उत्सव#अयोध्या
रामचरितमानस — बालकाण्ड

अयोध्या में कौन से राजा राज करते थे जब भगवान ने अवतार लिया?

रघुकुलशिरोमणि राजा दशरथ — वेदों में विख्यात नाम, धर्मधुरन्धर, गुणनिधि, ज्ञानी, भगवान के भक्त।

#बालकाण्ड#दशरथ#अयोध्या
रामचरितमानस — बालकाण्ड

भगवान विष्णु ने देवताओं को क्या आश्वासन दिया?

भगवान ने आकाशवाणी से कहा — अयोध्या में दशरथ के घर अवतार लूँगा। ब्रह्माजी ने देवताओं को सिखाया — वानर शरीर धरकर पृथ्वी पर भगवान की सेवा करो। देवता वानर रूप में पृथ्वी पर आ गये।

#बालकाण्ड#आकाशवाणी#अवतार आश्वासन
रामचरितमानस — बालकाण्ड

रामचरितमानस की रचना किस स्थान पर शुरू हुई?

रामचरितमानस की रचना अयोध्या (अवधपुरी) में शुरू हुई — 'अवधपुरीं यह चरित प्रकासा।' तुलसीदासजी ने श्रीराम की जन्मभूमि को ही रचना का आरम्भ स्थान चुना। कुछ भाग काशी में भी लिखा गया।

#बालकाण्ड#अयोध्या#रचना स्थान
रामचरितमानस — बालकाण्ड

'नौमी भौम बार मधुमासा। अवधपुरीं यह चरित प्रकासा' — इसका अर्थ क्या है?

अर्थ — चैत्र मास (मधुमास) की नवमी तिथि, मंगलवार (भौम बार) को अयोध्यापुरी (अवधपुरी) में यह चरित्र (रामचरितमानस) प्रकाशित हुआ। यही रामनवमी का दिन है जब भगवान राम का जन्म हुआ था।

#बालकाण्ड#रचना तिथि#अयोध्या
तीर्थ यात्रा

अयोध्या राम मंदिर दर्शन विधान

ऑनलाइन पंजीकरण। सरयू स्नान→राम लला→हनुमानगढ़ी। 22 Jan 2024 प्राण प्रतिष्ठा।

#अयोध्या#राम मंदिर#दर्शन
त्योहार पूजा

रामनवमी पर सूर्य की किरणें राम लला के माथे पर क्यों पड़ती हैं अयोध्या में?

सूर्य तिलक: खगोलीय गणना (चैत्र नवमी, दोपहर 12 बजे = राम जन्म), दर्पण/लेंस प्रणाली (CBRI+IIT रुड़की), प्राचीन परम्परा (कोणार्क जैसी)। आध्यात्मिक: सूर्यवंशी राम को सूर्य तिलक = पूर्वज आशीर्वाद। विज्ञान+शिल्प+आस्था संगम।

#अयोध्या#राम मंदिर#सूर्य किरण
रामायण

राम जी का असली जन्मस्थान कहाँ है?

भगवान श्रीराम का जन्मस्थान अयोध्या है — सरयू नदी के तट पर स्थित यह नगरी वाल्मीकि रामायण में विश्वप्रसिद्ध बताई गई है। सर्वोच्च न्यायालय के 2019 के निर्णय के बाद 2024 में यहाँ भव्य राम मंदिर में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा हुई।

#राम जन्मभूमि#अयोध्या#सरयू नदी
सम्पूर्ण प्रश्नोत्तरी
सभी प्रश्न देखें

10,000+ शास्त्रीय प्रश्नोत्तर — श्रेणी, हब और टैग में सजे।

टैग खोज
अन्य टैग देखें

पूजा, मंत्र, साधना, उपाय, ज्योतिष — विषय अनुसार छाँटे गए सभी टैग।