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नाम महिमा एवं भक्ति प्रश्नोत्तर — 13 प्रश्न

नाम महिमा एवं भक्ति से जुड़े 13 प्रामाणिक प्रश्नोत्तर पढ़ें। शास्त्रों और पुराणों पर आधारित उत्तर एक ही जगह मिलेंगे।

कुल 13 प्रश्न

अजामिल ने अंतिम क्षण नारायण नाम लेकर कैसे मुक्ति पाई

श्रीमद्भागवत के छठे स्कंध में — अजामिल ने मृत्यु के समय पुत्र-बुलाहट में 'नारायण' पुकारा। विष्णुदूतों ने यमदूतों को रोका क्योंकि नारायण नाम — अनजाने में ही — पाप नष्ट करता है। बाद में भक्ति करके वह वैकुण्ठ गया। यह कथा नाम-शक्ति का सर्वोत्कृष्ट उदाहरण है।

अजामिल कथानारायण नाममुक्ति
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प्रह्लाद ने नारायण नाम से कैसे बचे अग्नि से

श्रीमद्भागवत के सातवें स्कंध में वर्णित है कि नारायण-नाम के जप से प्रह्लाद पर जहर, हाथी, पहाड़ और अग्नि का असर नहीं हुआ। होलिका अग्नि में जल गई परंतु नाम-जपते प्रह्लाद सुरक्षित रहे। यह कथा नाम-भक्ति की सर्वोच्च शक्ति का प्रमाण है।

प्रह्लादनारायण नामअग्नि परीक्षा
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हनुमान जी ने राम नाम की शक्ति कैसे दिखाई

हनुमानजी ने राम-नाम जपने वाले राजा की रक्षा की और स्वयं श्रीराम का बाण उसे नहीं छू सका। तब विश्वामित्र ने कहा — 'जो बल राम के नाम में है, वह खुद राम में नहीं है।' यह प्रसंग राम-नाम की अपराजेय शक्ति का प्रमाण है।

हनुमान राम नामराम नाम शक्ति प्रसंगहनुमान कथा
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सूर्य नाम जपने से तेज कैसे बढ़ता है

सूर्य प्रत्यक्ष देव हैं। 'आदित्य हृदयम्' के जप से श्रीराम को युद्ध में नया तेज मिला था। 'ॐ सूर्याय नमः' का प्रातःकाल जप ओज, तेज और आत्मशक्ति बढ़ाता है। सूर्य के बारह नाम जीवन के बारह पक्षों को ऊर्जा देते हैं।

सूर्य नामतेज वृद्धिसूर्य जप
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सरस्वती नाम जपने से विद्या कैसे बढ़ती है

'ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः' सरस्वती का बीज मंत्र है। 'ऐं' ज्ञान और वाणी का बीजाक्षर है। उनका नाम जपने से बुद्धि की ग्रहण-शक्ति बढ़ती है। वसंत पंचमी और विद्यारंभ के समय यह जप विशेष फलदायी है।

सरस्वती नामविद्या वृद्धिसरस्वती जप
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लक्ष्मी नाम जपने से धन कैसे आता है

'ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः' लक्ष्मी का बीज मंत्र है। वे अष्टलक्ष्मी स्वरूपा हैं — धन, धान्य, विद्या, संतान, विजय सभी उनकी कृपा से मिलती है। नाम जप के साथ परिश्रम और सदाचार से लक्ष्मी की कृपा स्थायी होती है।

लक्ष्मी नामधन वृद्धिलक्ष्मी जप
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गणेश नाम जपने से बुद्धि कैसे बढ़ती है

'ॐ गं गणपतये नमः' गणेश का बीज मंत्र है जो एकाग्रता और स्मरण शक्ति बढ़ाता है। गणेश की पत्नियाँ सिद्धि और बुद्धि हैं — उनका नाम जपने से दोनों की प्राप्ति होती है। विद्यारंभ और हर नए कार्य में गणेश-वंदना इसीलिए होती है।

गणेश नामबुद्धि वृद्धिगणपति जप
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दुर्गा नाम जपने से शत्रु कैसे दूर होते हैं

दुर्गा = दुर्ग से पार कराने वाली। दुर्गा सप्तशती में देवताओं को विजय दुर्गा नाम-स्तुति से मिली। उनके नाम जप से बाहरी शत्रु और भीतरी शत्रु (काम-क्रोध-लोभ) दोनों का नाश होता है। नवरात्रि में नौ रूपों का जप विशेष फलदायी है।

दुर्गा नामशत्रु नाशदेवी नाम
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हनुमान नाम जपने से भय कैसे दूर होता है

हनुमान चालीसा के अनुसार हनुमानजी का नाम भूत-पिशाच को दूर रखता है और सभी संकटों को हरता है। वे रुद्रावतार हैं — रुद्र का अर्थ दुखहर्ता है। उनके हृदय में राम विराजते हैं, इसलिए उनका नाम भय और संकट का नाश करता है।

हनुमान नामभय निवारणसंकट मोचन
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शिव नाम जपने से क्या होता है

'ॐ नमः शिवाय' यजुर्वेद का पंचाक्षरी मंत्र है जिसके पाँच अक्षर पाँच तत्वों के प्रतीक हैं। शिव जप से तीनों तापों से मुक्ति मिलती है। शिव 'आशुतोष' हैं — शीघ्र प्रसन्न होने वाले — इसलिए उनका नाम जपने से शीघ्र कृपा मिलती है।

शिव नामॐ नमः शिवायपंचाक्षर मंत्र
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कृष्ण नाम जपने से क्या विशेष लाभ है

कृष्ण नाम कलियुग का विशेष उपहार है। कलिसंतरणोपनिषद् का हरे कृष्ण महामंत्र कलियुग की सर्वोत्तम साधना है। कृष्ण आनंदस्वरूप हैं, अतः उनका नाम मन में दिव्य आनंद का प्रवाह लाता है। पद्मपुराण में इसके जप से गोलोक की प्राप्ति बताई गई है।

कृष्ण नामकृष्ण नाम जपनाम महिमा
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राम नाम में कितनी शक्ति है

राम नाम 'तारक मंत्र' है — शिव पुराण के अनुसार भगवान शिव स्वयं काशी में मृत्यु के समय राम-नाम सुनाते हैं। तुलसीदास कहते हैं — यह चारों युगों में और तीनों लोकों में जीव को शोकमुक्त करता है। एक 'राम' में विष्णु के हजार नामों का फल समाहित है।

राम नामराम नाम शक्तितारक मंत्र
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भगवान का नाम लेने मात्र से पाप कैसे कटते हैं

श्रीमद्भागवत के अनुसार भगवान का नाम जान-बूझकर या अनजाने में — किसी भी भाव से लिया जाए — पाप नष्ट होते हैं, क्योंकि नाम और नामी (भगवान) अलग नहीं हैं। नाम-उच्चारण से भाव-शुद्धि होती है जिससे पाप-प्रवृत्ति का क्षय होता है।

नाम जपपाप नाशभगवन्नाम
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नाम महिमा एवं भक्ति — शास्त्रीय प्रश्नोत्तर संग्रह

पौराणिक पर नाम महिमा एवं भक्ति श्रेणी में आपको सनातन धर्म, वेद, पुराण और शास्त्रों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर विद्वानों द्वारा शास्त्रीय प्रमाणों सहित तैयार किया गया है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत उत्तर पढ़ें। अन्य विषयों के लिए प्रश्नोत्तरी मुख्य पृष्ठ देखें।

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नाम महिमा एवं भक्ति को गहराई से समझने का तरीका

नाम महिमा एवं भक्ति प्रश्नोत्तर पेज छोटे उत्तरों को एक साथ रखता है, इसलिए इसे त्वरित समाधान और आगे पढ़ने के प्रवेश-द्वार दोनों की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।

13 प्रश्न वाले इस पेज पर सबसे अच्छा तरीका यह है कि पहले वही प्रविष्टियाँ पढ़ें जो आपके वर्तमान सवाल से सीधा संबंध रखती हैं, फिर उनसे जुड़े अगले लेख या प्रश्न खोलें ताकि आधी-अधूरी जानकारी के बजाय पूरा संदर्भ बने।

अगर आपको किसी उत्तर का छोटा रूप मिल रहा है, तो उसी विषय के अगले प्रश्न और संबंधित विस्तृत लेख भी देखें। इससे नियम, अपवाद, समय, विधि और शास्त्रीय आधार जैसी बातें स्पष्ट होती हैं।

शुरुआत उन प्रश्न से करें जिनका शीर्षक आपके सवाल या उद्देश्य से सबसे अधिक मेल खाता है।

पढ़ते समय विधि, महत्व, समय और सावधानियों जैसे अलग-अलग पहलुओं को नोट करें, क्योंकि ये अक्सर अलग प्रविष्टियों में बँटे होते हैं।

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