विस्तृत उत्तर
शिव नाम और 'ॐ नमः शिवाय' का जप अत्यंत शक्तिशाली माना गया है। 'शिव' शब्द का अर्थ ही है — मंगलकारी, कल्याणकारी, शुभ।
पंचाक्षरी मंत्र की विशेषता — 'नमः शिवाय' पाँच अक्षरों वाला मंत्र है जो यजुर्वेद के श्री रुद्रम् में वर्णित है। यह पाँच अक्षर पाँच तत्वों के प्रतीक हैं — 'न' = पृथ्वी, 'म' = जल, 'शि' = अग्नि, 'वा' = वायु, 'य' = आकाश। इस प्रकार शिव नाम जपना संपूर्ण सृष्टि को वंदन है।
शिव नाम के प्रभाव — शिव पुराण के अनुसार शिव का नाम जपने से तीनों तापों (आधिभौतिक, आधिदैविक, आध्यात्मिक) से मुक्ति मिलती है। शिव को 'आशुतोष' कहते हैं — शीघ्र प्रसन्न होने वाले। इसलिए उनका नाम श्रद्धा से जपने पर शीघ्र कृपा मिलती है।
स्कन्दपुराण में यमराज कहते हैं — जो 'गोविन्द, माधव, मुकुन्द, शम्भो, शिव, चन्द्रशेखर' आदि नाम लेता है, उसे यमलोक नहीं भेजा जाता।
शिव नाम और मृत्यु — काशी में भगवान शिव स्वयं राम-नाम (जो शिव का प्रिय नाम है) सुनाते हैं क्योंकि शिव के लिए राम और विष्णु एक ही हैं। 'हर हर महादेव' का जाप अज्ञान, पाप और भय का हरण करता है।





