ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण

आरती विधि प्रश्नोत्तर — 2 प्रश्न

आरती विधि से जुड़े 2 प्रामाणिक प्रश्नोत्तर पढ़ें। शास्त्रों और पुराणों पर आधारित उत्तर एक ही जगह मिलेंगे।

कुल 2 प्रश्न

शिव जी की आरती कैसे करें?

शिव आरती में पंचमुखी घी का दीप — दक्षिणावर्त दिशा में, चरण से शिखर तक। 'ॐ जय शिव ओंकारा' गाएं। अंत में कपूर आरती करें। आरती की लौ हाथों से स्पर्श करके नेत्रों से लगाएं।

शिव आरतीॐ जय शिव ओंकाराकपूर आरती
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आरती कैसे करें?

आरती में पंचमुखी घी का दीप जलाएं। चरणों से आरंभ करके ऊपर जाएं — दक्षिणावर्त (clockwise) घुमाएं। शंख-घंटी बजाते हुए देवता की स्तुति गाएं। अंत में कपूर आरती करें। आरती की लौ दोनों हाथों से स्पर्श करके नेत्रों से लगाएं।

आरतीविधिदीप आरती
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आरती विधि — शास्त्रीय प्रश्नोत्तर संग्रह

पौराणिक पर आरती विधि श्रेणी में आपको सनातन धर्म, वेद, पुराण और शास्त्रों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर विद्वानों द्वारा शास्त्रीय प्रमाणों सहित तैयार किया गया है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत उत्तर पढ़ें। अन्य विषयों के लिए प्रश्नोत्तरी मुख्य पृष्ठ देखें।

विषय को सही क्रम से पढ़ें

आरती विधि को गहराई से समझने का तरीका

आरती विधि प्रश्नोत्तर पेज छोटे उत्तरों को एक साथ रखता है, इसलिए इसे त्वरित समाधान और आगे पढ़ने के प्रवेश-द्वार दोनों की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।

2 प्रश्न वाले इस पेज पर सबसे अच्छा तरीका यह है कि पहले वही प्रविष्टियाँ पढ़ें जो आपके वर्तमान सवाल से सीधा संबंध रखती हैं, फिर उनसे जुड़े अगले लेख या प्रश्न खोलें ताकि आधी-अधूरी जानकारी के बजाय पूरा संदर्भ बने।

अगर आपको किसी उत्तर का छोटा रूप मिल रहा है, तो उसी विषय के अगले प्रश्न और संबंधित विस्तृत लेख भी देखें। इससे नियम, अपवाद, समय, विधि और शास्त्रीय आधार जैसी बातें स्पष्ट होती हैं।

शुरुआत उन प्रश्न से करें जिनका शीर्षक आपके सवाल या उद्देश्य से सबसे अधिक मेल खाता है।

पढ़ते समय विधि, महत्व, समय और सावधानियों जैसे अलग-अलग पहलुओं को नोट करें, क्योंकि ये अक्सर अलग प्रविष्टियों में बँटे होते हैं।

अगर एक पेज से पूरा उत्तर न मिले, तो उसी संग्रह के अगले लेख या प्रश्न खोलकर संदर्भ पूरा करें।